तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान देख के राम ने अलख जगाया,

सीता माँ नु नाल लै आके उनका मान बढ़ाया,

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान वेख के शिव जी ने अलख जगाया,

गोरा माँ नु नाल लै आके उनका मान बढ़ाया,

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान वेख के विष्णु ने अलख जगाया,

लक्ष्मी जी नु नाल लै आके उनका मान बढ़ाया,

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान वेख के कृष्ण ने अलख जगाया,

राधा जी नु नाल लै आके उनका मान बढ़ाया,

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान वेख के भरमा ने अलख जगाया,

गायत्री माँ नु नाल लै आके उनका मान बढ़ाया,

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस धुनें दी शान वेख के संगता ने अलख जगाया,

ढोलक चिमटा नाल लै आके गुण बाबे दा गाया

तरेया मस्त मलंगा ने धुना लाया धुना लाया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।