तू जोगियां बनिया ओ जाना

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

माये नि मेरी तू चिमटा लाइए दे,

चिमटे ओह लेंदे जिह्ना पुत्र जोगी हुन्दे,

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

माये नि मेरी तू खडुआ बनाई दे,

खडुआ ओ पाउंदे जीहदे पुत्र योगी हुन्दे,

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

माये नि तू मेरी सिंगियाँ बना दे,

सींगिया ओह पाउंदे जीहदे पुत्र योगी हुन्दे,

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

माये नि मेरी तू धुना लगा दे,

धुना ओह लाउंदे जीहदे पुत्र योगी हुन्दे,

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

माये नि मेरी इ झोलियाँ सीआई वे,

झोलियाँ ओह पाउंदे जीहदे पुत्र योगी हुन्दे,

तू जोगियां बनिया ओ जाना शिवा दा नाम जपियो लेना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।