तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी,

तेरा नहीं है कोई मेल रे मेरा भोला भंडारा,

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

भोले की बाते याहा भोला ही जाने.

पल भर में हर बात वो माने,

जो भी बुलाये उसे अपना बनाये,

तेरा ये अनोखा जेहा खेल रे मेरा भोला भंडारा,

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

भोले के हाथो में भांग का प्याला,

खोल दे वो तो किस्मत का ताला,

गले में डाले बैठा नागो की माला,

तू ही जाने तेरा खेल रे मेरा भोला भंडारा,

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

कान में कुण्डल है माथे पे चंदा,

हाथ में डमरू है बालो में गंगा ,

करने सवारी तूने नंदी को पाला,

फूलो से लगी तेरी वेळ रे मेरा भोला भंडारा,

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

श्मशानों से वो राख मंगाए,

राख मंगा के वो शृंगार कराये,

रुके न वो जो भी चल आये ,

ऐसा अनोखा तेरा खेल रे मेरा भोला भंडारा,

तू ही चलाये सारे खेल रे मेरा भोला भंडारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।