तेरे मंदिरा दी शोभा है कमाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे मंदिरा दी शोभा है कमाल मैया मेरी झंडे वालिये,

तू ते करदी है सब नु निहाल मैया मेरी झंडे वालिये,

उचियाँ पहाड़ा विच तेरा बसेरा माँ,

विच गुफा दे विच लाया डेरा माँ,

तेरी महिमा बड़ी है बेमिसाल मैया मेरी झंडे वालिये,

दुरो दुरो तेरे भगत ने आउंदे,

कठिन चढ़ाइयाँ तेरी चढ़ दे ही जाउंदे,

नची गाई सारे पाउंदे ने धमाल,

मैया मेरी झंडे वालिये,

जग मग जग मग ज्योत तेरी जगदी,

शेर दी सवारी तेरी बड़ी प्यारी लगदी,

दर झूल दे ने झंडे सोहने लाल ,

मैया मेरी झंडे वालिये,

प्रिंस गाँधी तेरा भगत प्यारा माँ,

चरना दे विच एहनु देदे सहारा माँ,

राणा लिखे गुण गान तेरा लाल,

मैया मेरी झंडे वालिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।