एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी,

कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

मैया थारो रूप माहरे नैना में समायो,

देख देख मैया थाने हियो हुल छायो,

पुलरो राजी हो गया मैया थारी देख ठाकरी,

कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

सारी देवियो में मैया तू ही सरताज है,

सेवकियाँ माँ थारे बन के माहने गड़ो नाज है,

बड़ो सुख पावा मैया थारी करके चाकरी,

कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

मैया माहरे सिर पे जद थे हाथ फिराई,

प्यार पाके मैया जी को आख्या भर आई,

श्याम कवे थे लगवा तेरी था सु हाजरी ,

कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।