मैं हर दिन हर पल हर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं हर दिन हर पल हर लम्हा मां ज्वाला के गुण गाता हूं

आ गई मां सिरसा में रहने सबको यु बतलाता हूं

भक्तों ने जा भवन तुम्हारे तुमको शीश नवाया मां

हाथ जोड़कर करी बेनती संग में चलो महामाया

बैठ सामने ज्योत तेरी के मीठे भजन सुनाता हूं

आ गई मां सिरसा में रहने सब को यु बतलाता हूं

सुंदर सी चौकी पर मां मखमल गद्दी लगवाउ मैं

रूप सिंगारन पुष्प सुगंधित ताजी कलियां लाऊं मैं

खुद दर्शन कर रोज सवेरे सबको दर्श कराता हु

आ गई मां सिरसा में रहने सबको यू बतलाता हूं

मां भगवती सेवा दल ये करे तुम्हारी सेवा मां

भोग लगाने लाते मैया हलवा पुरी मेवा मां

सिरसा मे रहे वास तुम्हारा यही मै अर्ज लगाता हूं

आ गई मां सिरसा में रहने सब को यु बतलाता हूं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।