मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है ,

झूठी दुनिया ये लगे तेरा विश्वाश है,

मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है ,

नाव टूटी है मेरी दूर है माँ किनारा,

छूटे अपने पराये नहीं कोई सहारा,

मैया आये गी अभी दिल में ये आस है,

मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है ,

माँ पिता और भाई बहिन सब के यहाँ पर,

किसी का कब दियां है साथ किसने यहाँ पर,

जिस पे किरपा तू करे बस वो ही ख़ास है,

मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है ,

तेरी करुणा से मैया मेरा सब काम होता,

बिसारियां का जहा में भला क्यों नाम होता,

तेरी मर्जी से चले अब तो अविनाश है,

मैया आंबे भवानी तू मेरे पास है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।