तू जो डालेगी हम पर नजरियां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

खुल जायेगे किस्मत के ताले,

आके दरबार तेरे ओ मैया कर दियां खुद को तेरे हवाले,

हम को तेरा भरोसा है मैया तू ही विनती सुनेगी हमारी,

डूबने को है किस्मत का तारा आके तू ही उसे बचा ले,

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

सौंप कर अपना जीवन तुझे माँ हो गये है बेफिक्र हम अब,

रंक को राजा तू ही बनाये खेल तेरे जहां में निराले,

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

लड़खड़ाने लगे है कदम अब साथ देंगे ये कब तक मेरा माँ,

खाख में मिलने से पहले मुझको देके अपना सहारा उठा ले,

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

माँ दिखाई न दे रहा मुझको हर तरफ छाया दुःख का अँधेरा,

तेरी रेहमत से छट जायेगे ये छाए है जो गम के बादल काले,

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

मतलबी दुनिया है सारी मियां वक़्त पे काम आई न मेरे,

मिल न पाया सुखो से जहां में अपने अंचल में मुझको छुपा ले,

तू जो डालेगी हम पर नजरियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।