मैं झूठा मेरे पाक पवित्र साई जी

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैं झूठा मेरे पाक पवित्र साई जी,

मैनु झूठे नु जरा सच दा पाठ पढ़ाई जी,

मैं झूठा मेरे पाक पवित्र साई जी

मेरे खाने दे विच अकल रता पाई जी,

मैं झूठा मेरे पाक पवित्र साई जी

मैं बेमानी दिया कितिया बहुत कमाइयाँ ने,

मैं बेमानी नाल ईजता बहुत बनाइया ने,

मेरे किरत दसा नोहा दी झोली पाई जी,

मैनु झूठे नु जरा सच दा पाठ पढ़ाई जी.....

मैं नित ही अवगुण कर भुला बक्शोंदा हां,

मैं सच्चा बनान दा नित ही ढ़ोग रचौंदा हां,

मेरे मन विचो एह महल झूठ दा ठाई जी,

मैनु झूठे नु जरा सच दा पाठ पढ़ाई जी,

मैं निंदिया चुगली करणो भी न हटदा हा,

मैं मोह माया दे जाल च नित ही फस्दा हां,

रूह मेरी मेरे झूठ दी भरे गवाही जी ,

मैनु झूठे नु जरा सच दा पाठ पढ़ाई जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।