जो देखे सपने हो गये पुरे

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॥ पावन पाठ ॥

जो देखे सपने हो गये पुरे ,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

ख़ुशी का आज नहीं है ठिकाना के जैसे कोई जादू दिलो पे छाया जी,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

वेश फकीरो वाला बनाया जग दाता ने खेल रचाया,

के अजब अनोखी बाबा की माया जी,

ख़ुशी का आज नहीं है ठिकाना के जैसे कोई जादू दिलो पे छाया जी,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

झूमो नाचो खुशिया मनाओ,

सरे जय जय साई गाओ,

के सूंदर साई जी का दर्श पाया जी ,

ख़ुशी का आज नहीं है ठिकाना के जैसे कोई जादू दिलो पे छाया जी,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

शाम सवेरे दिन और रैना साई बिना अब ना ही चैना,

के ऐसा हम सब के दिल को भाया जी,

ख़ुशी का आज नहीं है ठिकाना के जैसे कोई जादू दिलो पे छाया जी,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

संग बत्रा के साई मना लो जो भी चाहो वो फल पा लो,

ये संग अपने खुशिया हजारो लाया जी,

ख़ुशी का आज नहीं है ठिकाना के जैसे कोई जादू दिलो पे छाया जी,

लो शिरडी वाला घर में हमारे आया जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।