सब गोकुल के शाम

कपिल शर्मा
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बन्दे सब गोकुल के शाम

कृष्ण वही है कंस वही है वही रावण वही राम

हर अंतर में हरी का वासा

जीव फिरे क्यों दर दर प्यासा

मन मंदिर से मुर्ख बन्दे कोई बड़ा नहीं धाम

करम बुरा है कर्मा भला है

इन कर्मो से जीव बंधा है

अपने गुणों से कोई रावण अपने गुणों से राम

कर्म की पूजा नाम की नहीं

नाम की हो तो इस जग माहि

जग में फिरे इ लाखो बन्दे धर के कृष्ण का नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।