जीवन सारा बीता जाए श्याम ना आये रे

बाबा रसिका पागल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नींद न आये रे चैन न आये रे,

जीवन सारा बीता जाए श्याम ना आये रे

तेरे बिन गई बीत ये सदियां आजा प्राण प्यारे,

तड़पत ही बिन रेन गुजारे नैनन बहे पनारे,

कटे नहीं दिन रेन तेरे बिन सारी रात जगाये,

नींद ना आये रे चैन न आये रे,

श्याम सलोनी संवाली सूरत है क्या जादू किया,

तुमसे मिलने को मोहन तड़प तड़प से जिया

इक झलक दिखला जा अब तो जी मेरा गबराये,

नींद ना आये रे चैन न आये रे,

दर्दी ला दिल दर का मारा का दिल चीर दिखाओ,

काली अंधयारी निष् गम की कैसे दर्शन पाउ,

टूटे दिल का उनको जाकर दर्श सुनाये,

नींद ना आये रे चैन न आये रे,

ढूंढ ढूंढ के हार थका मैं पैरो पड़ गये छाले मुज जैसे पागल को प्यारे आकर गले लगा ले,

दर्द को क्या जाने ये दुनिया कोई समज न पाए,

नींद ना आये रे चैन न आये रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।