यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

सँवारे अच्छा नहीं सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

मिलने का वाधा किया था अब तलक आये नहीं,

वादा करके तुम न आये सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

तेरी वादे पर न जाने क्यों भरोसा कर लिया,

तोड़ कर विश्वाश जाना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

क्यों दिया झूठा दिलासा जब तुम्हे आना न था,

ये तेरा झूठा बहांना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

छल गया हम को हमारा अब किसी से क्या कहे,

हाल दिल सबको सुनना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

जानते तुम संग दिल हो प्रीत हम करते नहीं,

पथरो से दिल लगाना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

प्यार में तेरे कन्हियाँ हम तो पागल हो गये.

प्रेमियों को यु सताना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

हमसफर बनकर चले हम श्याम तेरे साथ में,

राह में यु छोड़ जाना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

ये तो बतला दो हे प्यारे भूल हम से क्या हुई,

अपनो से यु रूठ जाना सँवारे अच्छा नहीं,

यु तेरा नजरे चुराना सँवारे अच्छा नहीं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।