अब आ जाओ मोरे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अब आ जाओ मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

तेरी शबरी बड़ी बेसबरी,

अब आ जाओ मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

वेर है जूठे न मैं जानू भाव भरी है बस यही जानू,

आओ भगवान भोग लगावो इस मन की प्यास भुजादो,

रघुकुल नंदन रामा,तेरी भीलनी पुकारे तेरा नाम,

राह तके तेरी शबरी,

जाने कब आएंगे मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

राम रत्न धन की ये पूंजी,

इस के सिवा मोहे चाह नहीं दूजी,

नैया केवट की पार उतारी,

गौतम नारी पहले अपारी,

सिमर राम ही राम,

कही छूट न जाए मेरे राम.

राह तके तेरी शबरी,

जाने कब आएंगे मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

चुन चुन कलियाँ डगर सजाये,

डगर डगर में नजर बिछाये,

कब तक बात निहारु गी मैं,

आ जाओ मोरे राम,

सुना सुना लगे मोरा धाम,

राह तके तेरी शबरी,

जाने कब आएंगे मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

युग बीते आराम ना पाया,

क्यों प्रभु मुझको इतना सताया,

तुम्हारी दर्श की प्यासी आखियाँ,

दर्श दिखाओ रामा,

मेरे लव पे तुम्हारा ही नाम,

राह तके तेरी शबरी,

जाने कब आएंगे मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

क्या मैं हु प्रभु इतनी अभागन जो न पाउ तुम्हारी दर्शन,

व्याकुल मन को धीर वन्धा दो हे करुणा के दान,

मेरे मन को ना आये आराम,

राह तके तेरी शबरी,

जाने कब आएंगे मोरे राम राह तके तेरी शबरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।