हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

माता लक्ष्मी को संग लाइ घर घर में खुशाली छाई,

धनतेरस की महिमा सभी देवो ने गाई है,

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

जिस घर आये लक्ष्मी माता,

लक्ष्मी माता हो लक्ष्मी माता,

वो घर तो कंचन हो जाता,

कंचन हो जाता, कंचन हो जाता,

खोल दिए भंडारे माँ ने खुशियां बरसाई है,

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

इस दिन जो पूजा करता है,

पूजा करता है,पूजा करता है,

हर सुख से झोली भरता है,

झोली भरता है,झोली भरता है,

रहे सालो साल घर रोशन ये माता ने बात बताई है,

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

रोली चावल से पूजा करलो,

पूजा करलो वंदना करलो,

फूल कमल का अर्पण करदो,

अर्पण करदो, अर्पण करदो,

उस घर में ना कमी कोई किसी बात की आई है,

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

प्रेम सुमिर जरा ध्यान लगालो,

ध्यान लगा लो माँ का ध्यान लगा लो,

माता लक्ष्मी से सब कुछ पा लो,

सब कुछ पा लो सब कुछ पा लो

गिरी ने दिल में माँ के नाम की ज्योत जलाई है

हो रही धन की बरसात देखो जी धनतेरस आई है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।