के श्याम तेरा शुक्राना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब विपदा की बदरी थी छाई

तूने मोरछड़ी अपनी लहराई

हर मुसीबत से मुझको बचाया

के श्याम तेरा शुक्राना

तूने रट हुए को हंसाया

के श्याम तेरा शुक्राना

जबसे तूने सांवरिया पकड़ा ये हाथ है

काँटों वाली राहों में फूलों की बरसात है

तूने इतना किया है एहसान तेरे प्रेमियों में मिली पहचान

मेरे सूखे चमन को खिलाया

के श्याम तेरा शुक्राना

मेरे संग है दुखों ने मुख मोड़ा

मेरे हर भरम को तो तूने ही तोडा

मेरी साँसों की सरगम में श्याम

मेरे होंठों पे तेरा ही नाम

तूने मुझको है अपना बनाया

के श्याम तेरा शुक्राना

तूफानों में अब ना डोले मेरी नैया

पार तू लगता है बनकर खिवैय्या

ये चोखानी तेरा ही गुलाम बाबा गौतम की थामो लगाम

तूने इतना जो प्यार बरसाया

के श्याम तेरा शुक्राना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।