आज दीपावली की भक्तो रात है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

घर घर में मंदिर है घर घर में पूजा है,

घर में पधारी लक्ष्मी आज है,

आज दीपावली की भक्तो रात है,

हर आएगी खुशियां भी लाएगी,

सब की वो रखती लाज है,

आज दीपावली की भक्तो रात है,

तेरे दिए धन से सारा जग पलता,

तेरे बिना जिंदगी का रथ नहीं चलता,

रनको को तुम्ही माँ राजा हो बना ती,

तुम ही दीं दुखियो के कष्ट हो मिटाती,

हम को उजाला दो रक्तो की माला दो,

धीरे चढ़त तेरा काज माँ,

आज दीपावली की भक्तो रात है,

माँ तेरी दया की दृस्टि जब होती है,

राहो के कंकर भी बन जाते मोती है,

शाम सवेरे तुझको पुकारे माँ,

तुझसे मिलते है सब को सहारा माँ,

सुखों का दान देती हम को वरदान देती,

पुरे करती सब के काज माँ,

आज दीपावली की भक्तो रात है,

दीपावली माँ तेरी ही पूजा कर तेरी आशीष से जीवन के दीप जले,

हर साल आना तू ख़ुशी संग लाना तू,

अपने बचो को मैया कभी न भुलाना तू,

विनती ये मन लो हमे यश मान दो,

सृष्टि पे तेरा ही राज माँ,

आज दीपावली की भक्तो रात है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।