अंजनी के घर लंलना पधारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाजे रे शंख और नगाड़े अंजनी के घर ललना पधारे,

ललना पधारे प्यारे बाला पधारे,

बाजे रे शंख और नगाड़े अंजनी के घर ललना पधारे,

शिव ने ले अवतार लीला रचाई,

मैया अंजनी के घर बजती वधाई,

नगरी में नगरी में गूंजे रे जैकारे,

बाजे रे शंख और नगाड़े अंजनी के घर ललना पधारे,

मैया ने बालक अनोखा है जाया,

वानर सा रूप पयारा सब को लुभाया,

रघुवर का सेवक बना रे,अंजनी के घर ललना पधारे,

बाजे रे शंख और नगाड़े

धन्य हुए है गगन और धरा भी ,

हर्षित होते उन्हें पुष्प वर्षा की,

गाओ जी गीत प्यारे प्यारे,अंजनी के घर ललना पधारे,

बाजे रे शंख और नगाड़े

आदित भी देखो खुशिया मनावे,

चोखानी भक्तो संग मंगल गावे,

बाला ने दर्शन दियां रे,,अंजनी के घर ललना पधारे,

बाजे रे शंख और नगाड़े

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।