आओ मनाये हम सब मिल कर दिवाली

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति की भप्पा की आरती उतारे,

रिद्धि सीधी लेके घर में पधारे

गणपति की भप्पा की आरती उतारे

माता महालक्ष्मी संग घर में पधारे,

आये आंगन में लेके खुशहाली,

आओ मनाये हम सब मिल कर दिवाली,

चांदी की चौंकी में आसान सजाये बुंदी के लड्डू का भोग हम लगाये,

झिलमिले दीपो से घर जगमगाये सतरंगी रंग से रंगोली बनाये,

हरने को आये कष्ट हमारे,

खोल देंगे भक्तो के भाग्य के द्वारे इनकी महिमा है जग से निराली,

आओ मनाये हम सब मिल कर दिवाली,

चाँद तारे जुगनू से मंडप सजाये लक्ष्मी गणेश जी का आसान लगाये,

एक दंत देया वंत चार भुजा धारी भगतो के द्वार आये जग हित कारी,

कुम कुम अनमोल संग बोलो जय कारे शुभ होंगे गोविन्द कारज तुम्हारे,

झूमे नाचे भजा के ताली,

आओ मनाये हम सब मिल कर दिवाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।