दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं,

सारी नगरी में मच गया हला के सिया राम आये है,

सारी नगरी उमड़ पड़ी है सिया राम को देखन,

दीपो की मालाये है सजती महक रहा हर आंगन,

देव गगन से फूल बरसाए के सियाराम आये हैं,

दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं,

सब की आँखे तरस रही है,

दर्श बिना मन व्याकुल,

अधरों पर मुस्कान खिली है देखने को है आतुर,

सारे भक्तो के मन हरषाये,के सियाराम आये हैं,

दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं,

राम सिया के साथ है लक्षमण और बजरंगी बाला,

साथ में पूरी वानर सेना नगर में डेरा डाला,

आज घर घर में दीवाली मनाये के सिया राम आये है,

दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं,

राम नाम के भूखे बजरंग साथ न छोड़े इक पल,

इक पल के लिए राम सिया न आँखों से हो ओहजल,

सारे तन में सिंधुरवा लगाए के सियाराम आये हैं,

दीपमाला से सजी है अयोध्या के सियाराम आये हैं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।