गणपति लक्ष्मी संग आएंगे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति लक्ष्मी संग आएंगे जले जगमग दीप दिवाली में,

माँ शरदे को संग लाएंगे जले जगमग दीप दिवाली में,

थाली में रोली चंदन हो लक्ष्मी गणेश अभिनन्दन हो,

हम श्रद्धा सुमन चढ़ायेगे जले जगमग दीप दिवाली में,

धरु खील खिलौना मेवा में लक्ष्मी गणेश की सेवा में,

घर में पूजन करवाएंगे जले जगमग दीप दिवाली में,

दीपो से सजी दिवाली को इस रात सुनो मतवाली को,

खुशियों से आज मनाएंगे जले जगमग दीप दिवाली में,

जगदीश की लीला न्यारी बने रजो प्रेम पुजारी है,

शुभ शास्त्र सदा ही जायेगे जले जगमग दीप दिवाली में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।