अपने भक्तो की सुनले पुकार ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आजा कलयुग में ले के अवतार ओ भोले ॥

अपने भक्तो की सुनले पुकार ओ भोले ॥

दुनिया बनाने वाले कर दुनिया का ख़याल रे,

तेरे संसार का हुआ है बुरा हाल रे,

भाई को भाई रहा मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले पुकार ओ भोले ॥

हाल कभी पूछ आके भोले तू गरीब का,

लिखा सब से न्यारा भाग काते बदनसीब का,

रोटी दे दे भूखा तो मत मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले पुकार ओ भोले ॥

पापियों के पाप धो धो गंगा मेहली हो गई,

पापो से लगे गई कब तक ये पहेली हो गई,

तेरे बिना होगा न उधार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले पुकार ओ भोले ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।