थे ही हो बालाजी म्हारा बलकारी देवता

मनोज दड़क साँचौर
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

थे ही हो बालाजी म्हारा बलकारी मोटा देवता ॥

घृत मिठाई चाढु चूरमा थारे चरणा धोक देवता

लाल लंगोटा हाथ में घोटा बल बुद्धि रा देवता।

थे ही हो बालाजी म्हारा ...........................

लंका जाय सीया सुधि लाये राम राम गुण गावता

थे ही हो बालाजी म्हारा ...........................

तेल सिंदूर थारे अंग चढ़ावा नित उठ करु थारी सेवना

थे ही हो बालाजी म्हारा ...........................

गोलासन रा बालाजी भगता रा दुखड़ा मेटता

थे ही हो बालाजी म्हारा ............................

मनु दड़क बालाजी रे सरणे चरणा धोक देवता

थे ही हो बालाजी म्हारा ............................

गायक - मनोज दड़क साँचौर

MO. 9549131747

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।