जब भक्त नहीं होंगे भगवान कहाँ होंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब भक्त नहीं होंगे भगवान कहाँ होंगे,

हर इक समस्या के समादन कहा होंगे,

दानी भी हुए लाखो और दान भी होता है,

पर कन्याओ जैसे महादान कहा होंगे,

मेहमान भी आते है मेहमानी भी होती है,

सुदामा के जैसे मेहमान कहा होंगे,

जब भक्त नहीं होंगे भगवान कहाँ होंगे

प्रेमी भी हुए लाखो और प्रेम भी होता है,

मीरा के प्रेम जैसे प्रमाण कहा होंगे,

जब भक्त नहीं होंगे भगवान कहाँ होंगे

ग्यानी भी हुए लाखो और ज्ञान भी होता है ,

गुरु देव नहीं होंगे तो ज्ञान कहा होंगे ,

जब भक्त नहीं होंगे भगवान कहाँ होंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।