आओ इक बार साई आओ इक बार

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ इक बार साई आओ इक बार,

दर्श दिखादो बाबा आओ इक बार,

कब से ये नैना मोरे साई प्यासे,

दर्शन देदो बाबा दो ना अब दिलासे,

आओ इक बार साई आओ इक बार,

मंदिर में भी तो साई मस्जिद में भी तू,

गुरूद्वारे में भी तू गिरजा घर में भी तू,

आओ इक बार साई आओ इक बार,

आखियो से आंसू गिरता तूने सम्बाला,

कांटो के विष दर पर था फूलो में ढाला,

आओ इक बार साई आओ इक बार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।