रोम रोम में राम है जिनके

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रोम रोम में राम है जिनके हर गुण जो नित गाये,

संकट मोचन राम लला के प्यारे भक्त कहाये,

जय हो बजरंगी जय हो महावीर जय पवन सूत जय जय हनुमान,

रोम रोम में राम है जिनके

बालक पण में गेंद समज निकल लिया सूरज को,

अन्धकार में डूबा दियां तीनो लोक और चौदह भुवन को,

कब से मास तक हुई न रोशनी सब देवता गण गबराये,

मच गी खलबली सब ने की विनती तब रवि को मुक्त करवाई,

जय हो बजरंगी जय हो महावीर जय पवन सूत जय जय हनुमान,

सीता हरण कियाँ रावण ने व्याकुल थे रघुराई,

समुन्दर लांगने सो योजन का चिंता निकट थी भाई,

बोलो जय सिया राम उड़ चले हनुमान अब कोई रोक न पाए,

लांग के सागर माँ सीता को सन्देश सीता का सुनाये,

जय हो बजरंगी जय हो महावीर जय पवन सूत जय जय हनुमान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।