चालो चालो खाटू धाम यहाँ विराजे बाबा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

चालो चालो खाटू धाम यहाँ विराजे बाबा श्याम.

बनता बिगड़ा हुआ सब काम चालो खाटू जी,

ऊंचे निचे रेत के टीले दूर से दीखते निशान रंगीले,

केसरियां और पीले पीले चालो खाटू जी,

जा कर इक निशान उठा लो बाबा श्याम की किरपा पा लो,

अपने सोये भाग जगा लो चालो खाटू जी,

मंदिर श्याम का लागे प्यारा जैसे अंधकार में तारा,

बेहति याहा प्रेम की धारा चालो खाटू जी,

रतन शृंगासन श्याम विराजे अंजनी काला संग साजे,

ढोलक संख नगाड़ा भाजे चालो खाटू जी,

प्रगति यहाँ से मूरत प्यारी,

है उस कुंड की महिमा न्यारी उमड़े यहाँ में दुनिया सारी चालो खाटू जी,

देखो कुंड बना मन भावन जल है गंगा जल सा पावन बरसे श्याम किरपा का सावन,

चालो खाटू जी,

बाबा चमत्कार दिखलाये मरधर में भी फूल खिलाये,

जगह वो श्याम बगीजी काहे चालो खाटू जी,

लखदातार की सेवा पाई अल्लू सिंह जी ने जिसे सजाई,

उनके भाग बड़े थे बाई चालो खाटू जी,

कलयुग का ये देव काहे बाबा साँचा नआए चुकाए,

इक पल की न देर लगाए चलो खाटू जी,

सेवक रंग गुलाल उड़ाए सूरज चंदा आरती गाये,

बाबा दोनों हाथ लुटाये चालो खाटू जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।