मेरे छोटे से बजरंगी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सूरज को मुँह में न निगले मेरे छोटे से बजरंगी,

मेरे छोटे से बजरंगी मेरे प्यारे से बजरंगी,

जब बाला जी तने भूख लगे गी,

लाडू का भोग खिला दूंगी मेरे छोटे से बजरंगी,

सूरज को मुँह में न निगले मेरे छोटे से बजरंगी,

जब बजरंगी तू मांगे खिलौना,

तेरी छोटा गदा मंगवाए दूंगी,मेरे छोटे से बजरंगी,

सूरज को मुँह में न निगले मेरे छोटे से बजरंगी,

जब बाला जी तने सर्दी लगे गी,

तेरा चोला लाल सिला दूंगी ,मेरे छोटे से बजरंगी,

सूरज को मुँह में न निगले मेरे छोटे से बजरंगी

जब बजरंगी तू ध्यान करेगा,

श्री राम से तने मिला दूंगी,,मेरे छोटे से बजरंगी,

सूरज को मुँह में न निगले मेरे छोटे से बजरंगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।