भोले बाबा मुझे तेरी आदत हो गयी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा मुझे तेरी आदत हो गयी है,

शंकरा मुझे तेरी आदत हो गयी है,

तेरी बिन रह सकदा जुदाइयां सेह नही सकदा,

भोले बाबा मुझे तेरी आदत हो गयी है

तेरी पूजा बिन नही रह सकदा निश फल है ये जीवन मेरा,

मैं ज्योत जगाए बिना नही रह सकदा निश फल है ये जीवन मेरा,

शंकरा मुझे तेरी आदत हो गयी है,

तुम तीन लोक में रहते हो अब मेरे पास भी आ जाओ,

दर्शन करने को बेठा हु जन्मो की प्यास बुजा जाओ,

शंकरा मुझे तेरी आदत हो गयी है,

पंकज टिंका गुण गाता रहू तेरी जय जय कार बुलाता रहू,

चाहे दुःख दे सुख दे भोले नाथ चरणों में शीश जुकाता रहू,

शंकरा मुझे तेरी आदत हो गयी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।