मेरे बाबा मोहन राम हो राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा मोहन राम, हम शरण तुम्हारी आये है

बाबा कलयुग के अवतारी है,

नीले की करे सवारी है ,

काली खोली सच्चा धाम,

जहाँ होते मन के चाहये है

बाबा सोये भाग जगा देना,

आके नईया पार लगा देना ,

तेरा रटते दिल से नाम, संग भेंट तुम्हारी लाये है

बाबा भक्तो के दुख दूर करो,

म्हारी खाली झोली आन भरो,

हे नटवर हे घनश्याम, ना भेद तुम्हारे पाये है,

तेरा भरे दौज मे मेला है,

तू नाथ बडा अलबेला है ,

रोहित का ढाना गाम, चरणो मे शीश झुकाये है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।