सांवरियां कुछ बोलो न

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बेटी क्यों जन्मी न माई,

शरण दुःख दाई सांवरियां कुछ बोलो न,

लोग गरब में मारे बेटी,

बेटी किस्मत की है हेठी ,

समजे न पीड़ पराई चरण दुःख दाई,

सांवरियां कुछ बोलो न,

अगर ये बेटी जन्म न लेगी आगे दुनिया कैसे भरे गी,

किस ने रीत बनाई शरण दुःख दाई ,

सांवरियां कुछ बोलो न,

बेटी दो दो कुल का गहना,

सब कुछ पढ़ता इसको सेहना,

रीत समज न आई शरण दुःख दाई ,

सांवरियां कुछ बोलो न,

गोरी साक्षी बेटी बचाओ बेटी पर कोई जुलम न ढाओ,

राज की सुन लो दुहाई,शरण दुःख दाई ,

सांवरियां कुछ बोलो न,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।