॥ पावन पाठ ॥
शेरोवाली का आया जगराता की बिगड़ी बना लो भगता,
माँ निभाने आई है नाता के बिगड़ी बना लो भगता,
इन चरणों में माँ के गुजार ले गी बिगड़ी बना लो भगता,
जय बोलो जय बोलो माता रानी की जय,
भर देती है झोली सब की मेरी लाटा वाली,
आंबे मियां जगजानी है माता ज्योता वाली,
सच्चा सुख देती है मेरी माता,की बिगड़ी बना लो भगता
जय बोलो जय बोलो माता रानी की जय,
ऊंचे पर्वत पर रहती है माता मेहरवाली,
दर पे मुरादे पूरी होती करता जो भी सवाली,
माँ चरणों में शीश जुका ले की बिगड़ी बना लो भगता