वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही,

दूर दूर से दुखिया आते अर्जी और दरखास लगे,

तेरे चरणों को बाबा मेरे दुनिया आके चुम रही,

वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही,

प्रेत राज की चली सवारी भेरो के मन्त्र चाले,

लोट पोट हो रहे है संकट पवन में कैसी झूम रही,

वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही,

बाबा तेरा करके दर्शन मन परसन हो जाता है,

तेरे प्यार में घाटे वाले सारी संगत झूम रही,

वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही,

राज मेहर तेरे भजन बनावे राजू हंस गुण गान करे,

गली गली में तेरे नाम की मची ये कैसी धूम रही,

वाह रे वाह मेरे बाला जी तेरी हवा गगन में घूम रही,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।