जगदम्बा की करो आरती

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जगदम्बा की करो आरती,

आओ प्रित भारत भारत जन,

आओ भारत प्रबा भारती,

माँ जगदम्बा की करो आरती,

हरयाली धरती की खाली,

कुशा संदेया कुम कुम लाली.,

दीप शिखा हर इक कलि की सूरज की किरणों ने बाली,

आओ प्रित भारत भारत जन,

आओ भारत प्रबा भारती,

माँ जगदम्बा की करो आरती,

मानस मंदिर हो उजियारा,

मानव को मानव हो प्यारा,

सब सुख आये सब दुःख जाए,

चीर सिंधु हो सागर थारा,

आओ प्रित भारत भारत जन,

आओ भारत प्रबा भारती,

माँ जगदम्बा की करो आरती,

शांति धरा पर शांति गगन में,

शांति विराजे मानव मन में,

अंतरिक्ष में शांति सनातन शांति विराजे जग जीवन में,

आओ प्रित भारत भारत जन,

आओ भारत प्रबा भारती,

माँ जगदम्बा की करो आरती,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।