एह हवा तू कहा जा रही है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एह हवा तू कहा जा रही है,

मुझे मेरे कान्हा की याद आ रही है

कोयल भी बोलती है पपीहा भी बोलता है,

आती है याद जब जब मेरा मनवा भी डोलता है,

सावन की काली काली घटा शा रही है,

एह हवा तू कहा जा रही है,

यमुना को देख कर के उठती है लेहर मन में,

बरसात हो रही है जैसे किसी चमन में,

धीरे धीरे नैनो में नींद आ रही है,

एह हवा तू कहा जा रही है,

दिल में था दर्द भारी आराम मिल रहा है,

सूखे चमन में कोई जैसे कोई फूल खिल रहा है,

दिल को मधुर मधुर पवन बा रही है

एह हवा तू कहा जा रही है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।