सुन ले अंजनी माँ के पूत

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले अंजनी माँ के पूत चौबीस घंटे दुखी करे ये नेया नवेला भूत,

म्हारे घर में आके जम गया यो वेरी मेहमान,

छोटे बड़े सब हारे घर के होंगे परेशान,

सब की काया ने तोड़े यो चाला करे कसुत,

चौबीस घंटे दुखी करे ये नेया नवेला भूत,

घाट म्हारी तो तोड़ भगाई नाचे सारे रात,

कदी दिखावे थपड हमने कभी दिखावे लात,

खाके महारा माल दिखावे हम ने ही झूठ,

चौबीस घंटे दुखी करे ये नेया नवेला भूत,

अकड़ पडोसी आके लेके माहरे घर का रंग,

हो गया माहरा उठ मटीला होइ शानती भंग ,

तेरे चरणों में ला दी अर्जी आके खड़ा सपूत.

चौबीस घंटे दुखी करे ये नेया नवेला भूत,

बबुल भगत ने दिखलाई है मेहंदीपुर की रही,

कह परमिंदर इस संकट की जम कर करो पिटाई,

कर्म वीर रंग पुरिया कह तेरी बेदी से मजबूत,

चौबीस घंटे दुखी करे ये नेया नवेला भूत,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।