शेरावाली का लगा दरबार आज मोरे अंगना में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेरावाली का लगा दरबार आज मोरे अंगना में,

जोतावाली का लगा दरबार आज मोरे अंगना में

आज मोरे अंगना में आज मोरे अंगना में,

शेरावाली का लगा दरबार आज मोरे अंगना में,

हाथों में लेकर गंगाजल गागर,

मेरी माँ को कराऊ स्नान,आज मोरे अंगना में,

लाल लाल चोला और चुनरी ले आऊ,

मेरी माँ को कराऊ शिंगार आज मोरे अंगना में,

चांदी की कटोरी में केसर ले आऊ,

मैं तिलक लगाऊ बार बार आज मोरे अंगना में,

चम्पा चमेली गुलाब अलबेली ,

मैं पुष्पों का लाऊ हार आज मोरे अंगना में,

पान सुपारी ध्वजा नारियल,

माँ भोग करो स्वीकार आज मोरे अंगना में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।