राम ने रावण को मारा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम ने रावण को मारा

मैं भी एक रावण मारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

ये अनोखी रीत रे भैया

इस नीले आकाश तले

हर कोई एक बार जले

लेकिन रावण तो हर साल जले

अबकी बरस धरती के सर से

मैं ये बोझ उतारूंगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

जब अन्याय हुआ चली है

न्याय की तलवार यहाँ

जब जब अत्याचार हुआ है

आया कोई अवतार यहाँ

जब अन्याय हुआ चली है

न्याय की तलवार यहाँ

जब जब अत्याचार हुआ है

आया कोई अवतार यहाँ

हम ना जाने कब आएंगे

कब तक बाट निहारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

राम ने रावण को मारा

मैं भी एक रावण मारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

तेरी लंका आज उजाडूँगा

जय जय श्री राम पुकारूँगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।