मिलाले मिलाले मिलाले रामा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरे रामा हरे रामा हरे रामा

रामा रामा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

मिलाले मिलाले मिलाले रामा

मेरी हस्ती को तुझ में मिला ले रामा

भुला दे भुला दे भुला दे रामा

मैं हूं क्या मुझे तू भुला दे रामा

मिलाले मिलाले मिलाले रामा

मेरी हस्ती को तुझ में मिला ले रामा

तुम ही सुबह शाम यह रातें तुम ही हो है

मुझ में जो रोशन वह लो भी तुम ही हो

तुम ही हो सब करता तुम ही हो अकरता

आरंभ तुम ही हो और अंत भी तुम ही हो

हरे राम हरे रामा रामा रामा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे

तुम ही सुबह शाम यह रातें तुम ही हो

मुझ में जो रोशन वो लो भी तुम ही हो

हरे रामा हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे

हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे

दिखा दे दिखा दे दिखा दे

अपनी रहमत का जलवा दिखा दे रामा

तेरे दम से रोशन ये दुनिया हुई है

तेरे दम से मुझ में यह सांसे रुकी है

तू ही सबका मालिक तू ही सबका दाता

तू ही मेरा दिलबर और तू ही विधाता

पिला दे पिला दे पिला दे रामा

रस भक्ति का मुझको पिला दे रामा

मिला दे मिला दे मिला दे राम

मेरी हस्ती को तुझ में मिला ले रामा

हरे रामा हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।