माँ तेरे रुतबा सब से ऊंचा

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ तेरे रुतबा सब से ऊंचा,

ब्रह्मा विष्णु शिव ने ही पूजा,

राम और कृष्ण भी करे भक्ति तेरी,

शेरोवाली है तू बड़ी शक्ति तेरी,

माँ तेरे रुतबा सब से ऊंचा

रूप वैष्णो माँ का बनाया ज्योत पहाड़ो में है जगाई,

सुंभ निशुंभ का वध करने को बन चंडी तलवार उठाई,

तुमसे नहीं को जग में दूजा भ्र्म विष्णु शिव ने ही पूजा,

राम और कृष्ण भी करे भक्ति तेरी,

शेरोवाली है तू बड़ी शक्ति तेरी,

आदि शक्ति माँ अदि भवानी तेरा नहीं को जग में सानी,

सब वेदो ने सब ग्रंथो ने लिखी तेरी करुणा की कहानी,

वोही ये बोला जिस से भी पूछा माँ तेरा रुतबा सब से ऊंचा,

राम और कृष्ण भी करे भक्ति तेरी,

शेरोवाली है तू बड़ी शक्ति तेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।