नारी अति महान जगत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नारी अति महान जगत में नारी अति नहान,

जिसका घर घर में समान,

धर्म कर्म शृंगार है इसके सत्ये अहिंशा इसके प्राण,

जिसका घर घर में समान,

नारी का सत्कार याहा पे पहले आये इसी का नाम,

सब कहते है सीता राम,

सब कहते है राधे श्याम,

लक्ष्मी नारायण कहते सब देवो से पाया वरदान ,

जिसका घर घर में समान,

हर युग में भारत की नारी पति की रक्शा करती आई,

कष्ट समय जीवन भर पत्नी पति की सेवा करती आई,

कई बार तो पति की खातिर दे दे अपनी जान,

जिसका घर घर में समान,

आओ आज सुनाये तुम्हको करवा चौथ के व्रत की महिमा,

करवा चौथ की कथा बताती भारत की नारी की महिमा,

इसी कथा और व्रत के कारन बड़ा है नारी का समान,

जिसका घर घर में समान,

ये है कथा बाबन पुराण की नारी की शक्ति का परिचय,

भारत की नारी सब से प्यारी इसको माने दुनिया सारी,

तन मन दोनों से ही सूंदर पति की सेवा धर्म है जिसका,

सास ससुर को माने मंदिर,

डोली बैठ पति संग आये,

सारा जीवन धर्म निभाए अंत काल यही ईशा इसकी पति के कंधो पर की जाए,

ऐसे अपना धर्म निभाए पति के कंधो पर ही जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।