बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है,

इन भगतो का भी कया कहना जो दर पे नचते गाते है,

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

इन फूलो ने कैसा प्यार किया मेरे बाबा का शृंगार,

कुछ हार बने है बाबा के कुछ चरणों में मुस्काते है,

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

इन दीवानो का डंग देखो रंगे बाला जी के रंग देखो,

ये भगत है पागल बाबा के बस बाबा को ही चाहते है,

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

बाबा के दर जो नाच लेगा वो ख़ालियाँ झोली भर लेगा,

जो दर पे शीश जुकाते है वो सारी खुशिया पाते है,

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

फूलो की तरह मुस्काएगे बाबा को अपने रिजाएगे,

है वो तो रंगीले राज मेहर जो बाबा के रंग जाते है,

बड़ी किस्मत वाले फूल है ये जो बाला जी को सजाते है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।