जय हो जय बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

बड़े भूत प्रेतो के सरदार है इन्हें द्वारे रप्तार है

बड़े भूत प्रेतो के सरदार है इन्हें द्वारे रप्तार है

पाए रोगी आराम चलो बाला जी धाम

पाए रोगी आराम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

हुकुम तेरा बाला जी टलता नही वचन तेरा बाला बदलता नहीं

हुकुम तेरा बाला जी टलता नही वचन तेरा बाला बदलता नहीं

तीनो लोको मैं नाम चलो बाला जी धाम

तीनो लोको मैं नाम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

है बाला जी मंदिर की सुबह बड़ी

द्वारे मैं दरसन को दुनिया खड़ी

सिद्ध तेरा प्रभु धाम चलो बाला जी धाम

सिद्ध तेरा प्रभु धाम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

यह तीन देवो का दरबार है नहीं कोई जादू चमत्कार है

यह तीन देवो का दरबार है नहीं कोई जादू चमत्कार है

ना लगे पैसे दाम चलो बाला जी धाम

ना लगे पैसे दाम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

जय हो जय हो जय हो बाला जी जय हो

गए मेहदी पुर जो भी इन्सन है मिले सबको बाला का वरदान है

गए मेहदी पुर जो भी इन्सन है मिले सबको बाला का वरदान है

भला करे सकहु धाम जपो बाला का नाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

बोलो भक्तो राम राम चलो बाला जी धाम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

यही दुखो का निदान पुरे होंगे सबके काम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।