गंगा किनारे मंदिर तेरा भूतो का तू स्वामी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गंगा किनारे मंदिर तेरा

भूतो का तू स्वामी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है,

मरघट के पास में डेरा है

क्या अद्भुत तेरा बसेरा है

पीछे में गंग की धारा है

तेरा धाम बड़ा ही प्यारा है

देव तुम्हारी महिमा गाए

माया किसने जानी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।

गंगा किनारे मंदिर तेरा

भूतो का तू स्वामी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।।

माथे पर तेरे चंदा है

और बहती जटा में गंगा है

भूतो के साथ में रहता है

और काटे यम का फंदा है

और काटे यम का फंदा है

शमशानों में धुनि रमाये

ये क्या तूने ठानी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।

गंगा किनारे मंदिर तेरा

भूतो का तू स्वामी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।।

जिसने भी तेरा नाम जपा

उसका तूने कल्याण किया

जो रोज नियम से पूजा करे

उसको तो मालामाल किया

उसको तो मालामाल किया

तीनो लोको में दूजा ना

तुझसा कोई दानी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।

गंगा किनारे मंदिर तेरा

भूतो का तू स्वामी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।।

तू भूतेश्वर कहलाता है

तू सबका भाग्य विधाता है

जो भक्त ख़ुशी से ध्यान धरे

तू उनका साथ निभाता है

तू उनका साथ निभाता है

भूतेश्वर बाबा का भक्तो

और ना कोई सानी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।

जिस दिन बाबा तेरा दर्शन होगा

उस दिन सफल मेरा जीवन

हर हर महादेव जय भोले

गंगा किनारे मंदिर तेरा

भूतो का तू स्वामी है

सारी दुनिया बोले तुझको

बाबा औघड़ दानी है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।