श्याम बांसुरी बजाये री अधर धर के

मनीष शर्मा एवं पंकज शर्मा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गजब की बांसुरी बजती है वृन्दावन बसैया की,

करूँ तारीफ़ मुरली की या मुरली धर कन्हैया की ।

जहां न काम चलता तीर और कमानो से,

विजय नटवर की होती है वहां मुरली की तानो से ॥

श्याम बांसुरी बजाये री अधर धर के,

रूप माधुरी पिलाए यह तो भर भर के ।

बांसुरी बज के छीने मन का आराम री,

बांसुरी है जादू किया, जादूगर श्याम री,

बजे जब यह निगोड़ी, मेरा जीया धड़के ।

बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

कदम की छैया ठाडो ठाडो मुस्काए री,

बांसुरी में धीरे धीरे राधे राधे गाए री,

ऐसा रूप है सलोना, जीया ले गयो हर के ।

बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

बांसुरी निगोड़ी जब बजे ऐंठ ऐंठ के,

अधर सुधा को पिए अधरों पे बैठ के,

देखो फिरे इतराती, यह सवार करके ।

बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

राधिका किशोरी वामे बांसुरी हो कर में,

रमण हमेशा करो मन के नगर में,

बस इतना ही मांगूं देदो दया करके ।

बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।