बाबा जो तू मेरे घर आवे आके मने गले से लगावे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबा जो तू मेरे घर आवे आके मने गले से लगावे,

तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी,

तेरी आज जयंती आई है भगता ने ख़ुशी मनाई है,

तेरे हार बनाये फूलो के राहो में कलियाँ बिछाई है ,

मेरे संग जो दुमका लावे लटके झटके दिख्लावे,

तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी,

तेरे प्यार में दिल मेरा धड़के मेरा गीत गैस्ट आजा बन के,

वीडियो वाले भी आये है खींच वाये ये फोटो मिल कर के,

तेरा मेरा बड़े याराना देखे यो सारा जमाना,

तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी,

मेरे घर जल्दी से आ बाबा फ्रेंडशिप ने आगे बड़ा बाबा,

ये छपन भोग बनाये है मेरे हाथो से तू खा बाबा,

मेरे संग जो भोजन खावे बाबा दुःख सुख की बतलावे,

तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी,

मेरा गुरु सतेंदर भी आया,

संग राज मेहर ने है लाया ,

राजू तेरा गुण गान करे बाबा घाना ही आंदन छाया,

इक रात मेरे घर रह ले नहले पे हो जा देहले,

तो तेरी मेरी पक्की है जायेगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।