शिरडी के बाबा की है शान निराली

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॥ पावन पाठ ॥

शिरडी के बाबा की है शान निराली,

लाखो सितारों में इक चंदा वाली,

खाली जाए न कोई सवाली साई जी के भगतो की,

भगतो की हर पल ईद दिवाली साई जी के भगतो की

जिस ने भी चरणों में सिर को जुका दियां,

बाबा जी ने झट उसे गले से लगा लिया,

जो भी मेरे बाबा जी के शरण में आये,

होक दीवाना वो ही झूमे नाचे गाये

सदा भर्ती झोली खाली साई जी के भगतो की,

भगतो की हर पल ईद दिवाली साई जी के भगतो की

जो भी दिया साई ने वो वचन निभाता है,

जब भी बुलाओ साई दौड़ा दौड़ा आता है,

बाबा मेरा हर इक बिगड़ी बनाये,

भक्त साई का सदा खुशियाँ मनाये,

झट दुखो की बदली काली,साई जी के भगतो की,

भगतो की हर पल ईद दिवाली साई जी के भगतो की

बड़े बड़े बाबा जी ने जलवे दिखाए है,

बिना तेल पानी से भी दीप जलाये है,

उधि में ही लाखो के रोग भाग्ये है भक्तो के सदा कष्ट मिटाये है,

घर घर फैला मेरे साई का फ़साना बतरा भी हो गया बाबा का दीवाना,

हुई दुनिया भी दीवाना साई जी के भगतो की ,

भगतो की हर पल ईद दिवाली साई जी के भगतो की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।