कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की

मनीष शर्मा एवं पंकज शर्मा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसी शोभी बनी आज मेरे यार की,

भानु की दुलारी, नन्द के कुमार की ।

कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

अति मतवारे नयन मेरे युगल के,

करुणा की धारा या सों छल छल छलके ।

मैं वारि वरि जाऊं कजरे के धार की,

कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

लाड़ली की साडी लाल, काछनी है लाल की,

नज़र लगे न जोड़ी बनी है कमाल की ।

आपसे है शोभा, आप के श्रृंगार की,

कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

ऐसे सदा शोभा पाओ मेरे नयन तारे,

आपसे विनय है मेरी इतनी सी प्यारे ।

तोडना न डोर कभी मेरे प्यार की,

कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

जैसे चाँद शोभा पाए नील गगन में,

वैसे ही रमन करे राधिका रमन में ।

बात कहूं मैं बस यही सार की,

कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।