आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है,

बाला जी से प्यार मेरा अरे बड़ा ही पुराना है,

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

राम के दीवाने वो मैं हु उनका दीवाना,

बाला जी की राहो में अरे दिल तो ये बिछाना है,

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

राम नाम का पटका भेट करू बाबा को.,

करे सिंधुर तिलक अरे इतर भी लगाना है,

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

तालियां बजायेगे बाबा को रिजाएगे,

राम दसन बाबा का दिल तो ये दीवाना है,

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

जागरण में बाबा के राज मेहर/मनवीर नाचे गा,

जागरण में गुण मेरे बाबा का राजू को भी गाना है

आज मेरे अंगना में बाला जी को आना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।