मुझको राधा रमन करदो ऐसा मगन

मनीष शर्मा एवं पंकज शर्मा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन,

रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ।

करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए,

बृज में बसाके मोहे सेवा सुख दीजिए ।

प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,

रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥

भाव भरे भूषणो से आपको सजाऊँ मैं,

नितनव् भोज निज हाथों से पवाऊं मैं ।

करो जब तुम शयन, दाबू तुमरे चरण,

रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥

जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,

फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे ।

बनके शीतल पवन छू लूँ तेरा बदन,

रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥

तुम्हे देख जीऊं तुम्हे देख मर जाऊं मैं,

जनम जनम तेरा दास ही कहाऊं मैं ।

रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमन,

रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।